हिन्दू धर्म
ऋग्वेद · 10.14.7–8
प्रेहि प्रेहि पथिभिः पूर्व्येभिर्यत्रा नः पूर्वे पितरः परेयुः । उभा राजाना स्वधया मदन्ता यमं पश्यासि वरुणं च देवम् ॥७॥ सं गच्छस्व पितृभिः सं यमेनेष्टापूर्तेन परमे व्योमन् । हित्वायावद्यं पुनरस्तमेहि सं गच्छस्व तन्वा सुवर्चाः ॥८॥
आगे बढ़ो, उन प्राचीन मार्गों पर आगे बढ़ो जिन पर हमारे पूर्वज हमसे पहले चल चुके हैं। वहाँ तुम दोनों राजाओं, भगवान वरुण और यम को पवित्र भोजन का आनंद लेते हुए देखोगे। यम से मिलो, पिताओं से मिलो, स्वतंत्र या निर्देशित कर्मों के पुण्य को सर्वोच्च स्वर्ग में अनुभव करो। पाप और बुराई को त्याग दो, अपना नया निवास स्थान खोजो, और महिमा से परिपूर्ण होकर नया शरीर धारण करो।
अंग्रेजी पाठ का मशीन अनुवाद (The Hymns of the Rigveda)। मूल पाठ का अनुवाद नहीं है। बेहतर अनुवाद सुझाएँ
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तनाख · दानियल 12:2–3
וְרַבִּים מִיְּשֵׁנֵי אַדְמַת־עָפָר יָקִיצוּ אֵלֶּה לְחַיֵּי עוֹלָם וְאֵלֶּה לַחֲרָפוֹת לְדִרְאוֹן עוֹלָם׃ וְהַמַּשְׂכִּלִים יַזְהִרוּ כְּזֹהַר הָרָקִיעַ וּמַצְדִּיקֵי הָרַבִּים כַּכּוֹכָבִים לְעוֹלָם וָעֶד׃
और पृथ्वी की धूल में सोए हुए बहुत से लोग जागेंगे, कुछ अनन्त जीवन के लिए, और कुछ निंदा और अनन्त घृणा के लिए। और जो बुद्धिमान हैं वे आकाश के प्रकाश के समान चमकेंगे; और जो बहुतों को धर्म की ओर मोड़ते हैं वे अनन्त तारों के समान चमकेंगे।
अंग्रेजी पाठ का मशीन अनुवाद (JPS Tanakh 1917)। मूल पाठ का अनुवाद नहीं है। बेहतर अनुवाद सुझाएँ
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कुरान · 2:2–4 (अल-बकरा)
ذَٰلِكَ ٱلْكِتَـٰبُ لَا رَيْبَ ۛ فِيهِ ۛ هُدًى لِّلْمُتَّقِينَ ﴿٢﴾ ٱلَّذِينَ يُؤْمِنُونَ بِٱلْغَيْبِ وَيُقِيمُونَ ٱلصَّلَوٰةَ وَمِمَّا رَزَقْنَـٰهُمْ يُنفِقُونَ ﴿٣﴾ وَٱلَّذِينَ يُؤْمِنُونَ بِمَآ أُنزِلَ إِلَيْكَ وَمَآ أُنزِلَ مِن قَبْلِكَ وَبِٱلْـَٔاخِرَةِ هُمْ يُوقِنُونَ ﴿٤﴾
यह पवित्र ग्रंथ निर्विवाद है, यह धर्मी लोगों के लिए मार्गदर्शन है। वे लोग जो अनदेखी चीज़ों पर विश्वास करते हैं, नमाज़ अदा करते हैं और जो कुछ हमने उन्हें दिया है उसमें से दान करते हैं। और वे उस पर विश्वास करते हैं जो तुम पर उतारा गया है और जो तुमसे पहले उतारा गया है, और परलोक के विषय में वे आश्वस्त हैं।
अंग्रेजी पाठ का मशीन अनुवाद (One God One Message translation)। मूल पाठ का अनुवाद नहीं है। बेहतर अनुवाद सुझाएँ
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गुरु ग्रंथ साहिब · अंग 8 (जापजी, समापन सलोक)
ਪਵਣੁ ਗੁਰੂ ਪਾਣੀ ਪਿਤਾ ਮਾਤਾ ਧਰਤਿ ਮਹਤੁ ॥ ਦਿਵਸੁ ਰਾਤਿ ਦੁਇ ਦਾਈ ਦਾਇਆ ਖੇਲੈ ਸਗਲ ਜਗਤੁ ॥ ਚੰਗਿਆਈਆ ਬੁਰਿਆਈਆ ਵਾਚੈ ਧਰਮੁ ਹਦੂਰਿ ॥ ਕਰਮੀ ਆਪੋ ਆਪਣੀ ਕੇ ਨੇੜੈ ਕੇ ਦੂਰਿ ॥ ਜਿਨੀ ਨਾਮੁ ਧਿਆਇਆ ਗਏ ਮਸਕਤਿ ਘਾਲਿ ॥ ਨਾਨਕ ਤੇ ਮੁਖ ਉਜਲੇ ਕੇਤੀ ਛੁਟੀ ਨਾਲਿ ॥੧॥
वायु गुरु है, जल पिता और विशाल पृथ्वी माता; दिन और रात हमारे दो पालनहार हैं, नर और मादा, जो समस्त संसार को चलाती हैं। न्यायाधीश के समक्ष पुण्य और पाप पढ़े जाएँगे। मनुष्यों के कर्मों के अनुसार, कुछ ईश्वर के निकट होंगे और कुछ उनसे दूर। हे नानक, जिन्होंने नाम का चिंतन किया और अपने परिश्रम की पूर्ति के बाद प्रस्थान किया, उनके मुखमंडल प्रकाशमान होंगे; उनके साथ कितने ही लोग मुक्ति पाएँगे!
अंग्रेजी पाठ का मशीन अनुवाद (The Sikh Religion (Macauliffe))। मूल पाठ का अनुवाद नहीं है। बेहतर अनुवाद सुझाएँ
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