कुरान · 3:104 (अल इमरान)

परंपरा
इस्लाम
धर्मग्रंथ
कुरान
विषय
सदाचारी जीवन
स्रोत
3:104 (अल इमरान)

मूल

وَلْتَكُن مِّنكُمْ أُمَّةٌ يَدْعُونَ إِلَى ٱلْخَيْرِ وَيَأْمُرُونَ بِٱلْمَعْرُوفِ وَيَنْهَوْنَ عَنِ ٱلْمُنكَرِ ۚ وَأُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْمُفْلِحُونَ ﴿١٠٤﴾

Tanzil Quran Text (Uthmani)

अनुवाद

और एक ऐसी जाति हो जो अच्छाई की ओर आमंत्रित करे, सही बातों का समर्थन करे और गलत बातों से रोके, और यही लोग विजयी होंगे।

अंग्रेजी पाठ का मशीन अनुवाद (One God One Message translation)। मूल पाठ का अनुवाद नहीं है। बेहतर अनुवाद सुझाएँ

One God One Message translation

प्रसंग: कुरान के तीसरे अध्याय अल इमरान से।

स्रोत और लाइसेंस
  • Tanzil Quran Text, Tanzil Project (tanzil.net). Shown verbatim.
  • Translation by One God One Message, dedicated to the public domain (CC0 1.0). Free to use for any purpose, without permission.

इस विषय पर तुलना करें

हिन्दू धर्म

ऋग्वेद · 10.117.1–3

न वा उ देवाः क्षुधमिद्वधं ददुरुताशितमुप गच्छन्ति मृत्यवः । उतो रयिः पृणतो नोप दस्यत्युतापृणन्मर्डितारं न विन्दते ॥१॥ य आध्राय चकमानाय पित्वोऽन्नवान्सन्रफितायोपजग्मुषे । स्थिरं मनः कृणुते सेवते पुरोतो चित्स मर्डितारं न विन्दते ॥२॥ स इद्भोजो यो गृहवे ददात्यन्नकामाय चरते कृशाय । अरमस्मै भवति यामहूता उतापरीषु कृणुते सखायम् ॥३॥

ईश्वर ने भूख को हमारी मृत्यु का कारण नहीं बनाया है: भरपेट भोजन करने वाले व्यक्ति को भी मृत्यु अनेक रूपों में प्राप्त होती है। उदार व्यक्ति का धन कभी नष्ट नहीं होता, जबकि दान न करने वाले को कोई सांत्वना देने वाला नहीं मिलता। वह व्यक्ति जिसके पास भोजन भंडार है, जब कोई जरूरतमंद रोटी मांगने आता है, तो वह उसके प्रति कठोर हृदय कर लेता है—भले ही उसने अतीत में उसकी सेवा की हो—उसे सांत्वना देने वाला कोई नहीं मिलता। उदार है वह जो भोजन की कमी और दुर्बलता में आए भिखारी को दान देता है। युद्ध के संघर्ष में सफलता उसका साथ देती है। वह भविष्य की विपत्तियों में उसका मित्र बनता है।

अंग्रेजी पाठ का मशीन अनुवाद (The Hymns of the Rigveda)। मूल पाठ का अनुवाद नहीं है। बेहतर अनुवाद सुझाएँ

इसे अलग पृष्ठ पर देखें

यहूदी धर्म

तनाख · सभोपदेशक 12:13–14

סוֹף דָּבָר הַכֹּל נִשְׁמָע אֶת־הָאֱלֹהִים יְרָא וְאֶת־מִצְוֺתָיו שְׁמוֹר כִּי־זֶה כָּל־הָאָדָם׃ כִּי אֶת־כָּל־מַעֲשֶׂה הָאֱלֹהִים יָבִא בְמִשְׁפָּט עַל כָּל־נֶעְלָם אִם־טוֹב וְאִם־רָע׃[סוף דבר הכל נשמע את־האלהים ירא ואת־מצותיו שמור כי־זה כל־האדם]

अंत में, सब कुछ सुनने के बाद यही निष्कर्ष निकलता है: परमेश्वर का भय मानो और उसकी आज्ञाओं का पालन करो; क्योंकि यही संपूर्ण मनुष्य है। क्योंकि परमेश्वर हर गुप्त कार्य के विषय में, चाहे वह अच्छा हो या बुरा, न्याय करेगा।

अंग्रेजी पाठ का मशीन अनुवाद (JPS Tanakh 1917)। मूल पाठ का अनुवाद नहीं है। बेहतर अनुवाद सुझाएँ

इसे अलग पृष्ठ पर देखें

ईसाई धर्म

नया करार · प्रेरितों 10:34–35

Ἀνοίξας δὲ Πέτρος τὸ στόμα εἶπεν· Ἐπʼ ἀληθείας καταλαμβάνομαι ὅτι οὐκ ἔστιν προσωπολήμπτης ὁ θεός, ἀλλʼ ἐν παντὶ ἔθνει ὁ φοβούμενος αὐτὸν καὶ ἐργαζόμενος δικαιοσύνην δεκτὸς αὐτῷ ἐστιν.

पतरस ने अपना मुंह खोलकर कहा, “मैं सचमुच समझता हूँ कि परमेश्वर पक्षपात नहीं करता; परन्तु हर राष्ट्र में जो कोई उससे डरता है और धर्म का काम करता है, वह उसे स्वीकार्य है।”

अंग्रेजी पाठ का मशीन अनुवाद (World English Bible)। मूल पाठ का अनुवाद नहीं है। बेहतर अनुवाद सुझाएँ

इसे अलग पृष्ठ पर देखें

सिख धर्म

गुरु ग्रंथ साहिब · अंग 62 (श्री राग, गुरु नानक)

ਸਚਹੁ ਓਰੈ ਸਭੁ ਕੋ ਉਪਰਿ ਸਚੁ ਆਚਾਰੁ ॥੫॥

सत्य के आगे सब कुछ हीन है; सत्य का अभ्यास ही सब कुछ से श्रेष्ठ है।

अंग्रेजी पाठ का मशीन अनुवाद (The Sikh Religion (Macauliffe))। मूल पाठ का अनुवाद नहीं है। बेहतर अनुवाद सुझाएँ

इसे अलग पृष्ठ पर देखें